PM SVANidhi Yojana क्या है?
पीएम स्वनिधि योजना की शुरुआत 1 जून 2020 को हुई थी। इसे आवास और शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) द्वारा चलाया जाता है। इसका उद्देश्य शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के उन स्ट्रीट वेंडर्स को आसान ऋण उपलब्ध कराना है, जिनके पास कोई औपचारिक क्रेडिट हिस्ट्री नहीं होती और जिन्हें बैंक से पारंपरिक तरीके से लोन मिलना मुश्किल होता है। यह योजना पूरी तरह बिना किसी गारंटी (collateral-free) के लोन देती है। साथ ही, समय पर चुकौती करने वालों को ब्याज सब्सिडी और कैशबैक जैसे अतिरिक्त लाभ भी दिए जाते हैं।
लोन कितना मिलता है? (तीन चरणों में ₹50,000 तक)
योजना की सबसे अच्छी बात यह है कि लोन की राशि धीरे-धीरे बढ़ती जाती है। यदि आप समय पर चुकाते जाते हैं, तो आप बड़ी राशि के लिए पात्र होते जाते हैं।
| चरण | अधिकतम लोन राशि | चुकौती अवधि | गारंटी |
|---|---|---|---|
| पहला लोन | ₹10,000 | 12 महीने (मासिक किश्तों में) | नहीं चाहिए |
| दूसरा लोन | ₹20,000 | 18-24 महीने | नहीं चाहिए |
| तीसरा लोन | ₹50,000 | 30-36 महीने | नहीं चाहिए |
जैसा कि तालिका से स्पष्ट है, कुल मिलाकर एक वेंडर ₹50,000 तक का लोन प्राप्त कर सकता है। शुरुआत ₹10,000 से होती है, और हर चरण में अच्छे रिकॉर्ड के आधार पर राशि बढ़ जाती है। पहला लोन पूरी तरह चुकाने के बाद ही दूसरा, और दूसरा चुकाने के बाद तीसरा लोन मिलता है।
ब्याज दर और ब्याज सब्सिडी का लाभ
ब्याज दर बैंकों और NBFC द्वारा तय की जाती है, लेकिन सरकार योजना के तहत ब्याज सब्सिडी देती है। नियमित चुकौती करने वाले लाभार्थियों को 7% वार्षिक की दर से ब्याज सब्सिडी मिलती है। इसका मतलब यह है कि ब्याज का एक बड़ा हिस्सा सरकार वहन करती है और वेंडर को काफी कम ब्याज चुकाना पड़ता है। यह सब्सिडी सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है।
इसके अतिरिक्त, जो वेंडर डिजिटल भुगतान (जैसे UPI, QR कोड) से लेनदेन करते हैं, उन्हें ₹50 से ₹100 प्रति माह तक का कैशबैक भी दिया जाता है। इससे छोटे दुकानदारों को डिजिटल इंडिया से जोड़ने में मदद मिलती है।
पात्रता — कौन ले सकता है लाभ?
योजना का लाभ उन्हीं स्ट्रीट वेंडरों को मिलता है जो निम्नलिखित शर्तें पूरी करते हैं:
वेंडर शहरी या अर्ध-शहरी क्षेत्र में रेहड़ी-पटरी, ठेला, फुटपाथ दुकान, फेरी लगाने वाला, या सड़क किनारे छोटा व्यवसाय करता हो।
वेंडर ने 24 मार्च 2020 या उससे पहले से अपना कारोबार शुरू किया हो।
वेंडर के पास वेंडिंग सर्टिफिकेट या सर्वे सूची में पहचान होनी चाहिए। यदि नहीं है, तो नगर निकाय द्वारा नए सर्वे में नाम जुड़वाया जा सकता है।
वेंडर किसी अन्य योजना में समान लोन का लाभ नहीं ले रहा हो।
आधार कार्ड और बैंक खाता (आधार से लिंक) अनिवार्य हैं।
वेंडर्स के पास भले ही कोई क्रेडिट हिस्ट्री न हो, उन्हें बैंक की ओर से “नया ग्राहक” मानकर लोन दिया जाता है। यही इस योजना की सबसे बड़ी ताकत है।
आवेदन कैसे करें? (ऑनलाइन और ऑफलाइन)
आवेदन की प्रक्रिया आसान रखी गई है ताकि ज़्यादा से ज़्यादा लोग लाभ ले सकें।
ऑनलाइन आवेदन (स्वयं करें)
pmsvanidhi.mohua.gov.in पोर्टल पर जाएँ।
होमपेज पर “Apply for Loan” या “New Vendor Registration” पर क्लिक करें।
अपना मोबाइल नंबर डालें और OTP से सत्यापन करें।
इसके बाद आधार नंबर डालकर सहमति दें और आगे बढ़ें।
आवेदन फॉर्म में अपना नाम, पता, व्यवसाय का प्रकार, वेंडिंग सर्टिफिकेट संख्या (यदि हो) और बैंक खाता विवरण भरें।
दस्तावेज़ अपलोड करें — पहचान पत्र, वेंडर प्रमाण, पासपोर्ट साइज़ फोटो।
सबमिट करें। आवेदन संबंधित बैंक या NBFC के पास स्वीकृति के लिए चला जाएगा।
स्वीकृति के बाद राशि सीधे खाते में आ जाएगी।
CSC केंद्र के ज़रिये आवेदन
नज़दीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या नगर निकाय कार्यालय में जाकर आवेदन कराया जा सकता है।
वहाँ बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद फॉर्म भरा जाता है।
CSC केंद्र मामूली सेवा शुल्क ले सकता है, लेकिन सरकारी आवेदन शुल्क शून्य है।
वेंडिंग सर्टिफिकेट नहीं है तो?
यदि आपके पास वेंडिंग सर्टिफिकेट नहीं है, तो चिंता की बात नहीं। सरकार ने नगर निकायों को नए सर्वे करके पात्र वेंडरों को चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं। आप अपने स्थानीय नगर पालिका/नगर निगम में जाकर सर्वे करा सकते हैं और प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकते हैं। इसके बाद आप योजना का लाभ उठा सकते हैं।
ज़रूरी दस्तावेज़
आधार कार्ड (वेंडर का)
बैंक खाता पासबुक (आधार से लिंक)
वेंडिंग सर्टिफिकेट या नगर निकाय से जारी पहचान पत्र (यदि नहीं है तो सर्वे पर्ची)
पासपोर्ट साइज़ फोटो
मोबाइल नंबर (आधार से लिंक)
कुछ मामलों में रेहड़ी/ठेले का फोटो या कारोबार का प्रमाण
लोन चुकौती और दूसरा/तीसरा लोन पाने के नियम
पहला लोन 12 महीने की अवधि में मासिक किश्तों में चुकाना होता है। किश्तें बहुत छोटी रखी गई हैं ताकि बोझ न लगे।
समय पर सभी किश्तें चुकाने पर आप दूसरे लोन के पात्र बनते हैं।
दूसरा लोन चुकाने के बाद तीसरा लोन (₹50,000 तक) मिलता है।
अगर आप डिजिटल लेनदेन करते हैं, तो चुकौती की अवधि में कोई जुर्माना नहीं लगता और ब्याज सब्सिडी का लाभ मिलता रहता है।
यदि कोई वेंडर पहले से किसी अन्य सरकारी योजना से लोन ले चुका है, तो उसे इस योजना में लोन नहीं मिल सकता।
2026 में योजना की स्थिति और ध्यान देने योग्य बातें
योजना की अवधि बढ़ा दी गई है और नए आवेदन अब भी स्वीकार किए जा रहे हैं।
सरकार पहली बार के लोन चूकने पर भी वेंडर को दोबारा अवसर दे रही है, बशर्ते वह बकाया राशि जमा कर दे।
महिला वेंडरों को प्राथमिकता दी जाती है और कुछ बैंकों में उनके लिए विशेष छूट होती है।
डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए QR कोड लगाने पर अतिरिक्त कैशबैक दिया जाता है।
लोन का उपयोग केवल व्यवसायिक कामों में करें — नया स्टॉक, औज़ार, ठेले की मरम्मत आदि।
किसी भी एजेंट को कमीशन न दें। योजना का आवेदन पूरी तरह निःशुल्क है।
Frequently Asked Questions
PM SVANidhi Yojana में अधिकतम कितना लोन मिल सकता है?
अधिकतम ₹50,000 तक का लोन मिल सकता है, लेकिन यह तीन चरणों में मिलता है — पहले ₹10,000, फिर ₹20,000, फिर ₹50,000।
क्या इस लोन के लिए कोई गारंटी देनी पड़ती है?
नहीं, यह पूरी तरह से बिना गारंटी (collateral-free) लोन है। कोई ज़मानत या धरोहर नहीं देनी होती।
क्या बिना वेंडिंग सर्टिफिकेट के आवेदन हो सकता है?
हाँ, यदि आपके पास सर्टिफिकेट नहीं है, तो नगर निकाय में सर्वे कराकर नाम दर्ज कराया जा सकता है। सर्वे के बाद आप आवेदन कर सकते हैं।
ब्याज सब्सिडी कैसे मिलती है?
नियमित चुकौती करने वालों को 7% वार्षिक ब्याज सब्सिडी सीधे बैंक खाते में मिलती है। बैंक अपनी दर से ब्याज लेता है, लेकिन सरकार 7% का हिस्सा वापस भेज देती है।
क्या चुकौती करने पर और कोई फायदा है?
हाँ, समय पर चुकौती करने पर आप अगले चरण के बड़े लोन के पात्र बनते हैं। साथ ही डिजिटल लेनदेन पर कैशबैक भी मिलता है।
आवेदन के बाद लोन कितने दिन में मिलता है?
सामान्यतः 7-15 कार्यदिवसों में बैंक द्वारा सत्यापन के बाद राशि खाते में भेज दी जाती है।
क्या पहला लोन चुकाने से पहले दूसरा लोन लिया जा सकता है?
नहीं, पहला लोन पूरी तरह चुकाने के बाद ही दूसरे लोन के लिए आवेदन किया जा सकता है।
Sources / References:
PM SVANidhi Official Portal – pmsvanidhi.mohua.gov.in
Ministry of Housing and Urban Affairs (MoHUA), Government of India
Press Information Bureau (PIB) – PM SVANidhi scheme announcements and loan disbursement updates
Lending Institutions' guidelines for PM SVANidhi (Banks, NBFCs, MFIs)
