समाज के सबसे कमज़ोर तबके — बुजुर्ग, विधवाएँ, दिव्यांग और ऐसे परिवार जिनका मुख्य कमाने वाला नहीं रहा — के लिए केंद्र सरकार की National Social Assistance Programme (NSAP) एक अहम सहारा है। यह कार्यक्रम गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को न्यूनतम सामाजिक सुरक्षा देने के लिए चलाया जाता है। 2026 में भी यह योजना उसी तरह जारी है, हालाँकि कई राज्यों ने इसमें अपनी तरफ से राशि जोड़कर इसे और सशक्त बना दिया है। अगर आप यह जानना चाहते हैं कि बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों को इस कार्यक्रम के तहत कितनी सहायता मिलती है, किन्हें मिलती है और आवेदन कैसे करें, तो यह लेख आपके लिए पूरी जानकारी लेकर आया है।
National Social Assistance Programme क्या है?
यह कार्यक्रम 15 अगस्त 1995 से लागू है और इसे ग्रामीण विकास मंत्रालय (Ministry of Rural Development) चलाता है। इसका मूल उद्देश्य गरीब परिवारों के उन सदस्यों को वित्तीय सहायता देना है जो आय अर्जित करने में असमर्थ हैं — बुजुर्ग, विधवाएँ और गंभीर दिव्यांगता वाले व्यक्ति। साथ ही, जिन परिवारों में मुख्य कमाने वाला सदस्य नहीं रहा, उन्हें एकमुश्त सहायता भी दी जाती है। यह एक सामाजिक सुरक्षा योजना है, इसमें कोई प्रीमियम नहीं देना होता। लाभार्थी का चयन मुख्य रूप से गरीबी रेखा से नीचे (BPL) वाले परिवारों में से किया जाता है।
NSAP की मुख्य उप-योजनाएँ और मिलने वाली राशि
इस कार्यक्रम के अंतर्गत पाँच प्रमुख घटक हैं। केंद्र सरकार द्वारा दी जाने वाली सहायता की दरें राज्य सरकारों द्वारा जोड़े जाने वाले अतिरिक्त योगदान से अलग होती हैं, इसलिए कुल मिलाकर राशि राज्यवार भिन्न हो सकती है।
| योजना | किसके लिए | केंद्रीय सहायता (उपलब्ध नवीनतम जानकारी के अनुसार) |
|---|---|---|
| इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना (IGNOAPS) | BPL परिवारों के 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग | 60-79 वर्ष: ₹200/माह; 80+ वर्ष: ₹500/माह |
| इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना (IGNWPS) | 40-79 वर्ष की BPL विधवाएँ | ₹300/माह |
| इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना (IGNDPS) | 18-79 वर्ष के गंभीर दिव्यांग व्यक्ति | ₹300/माह |
| राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना (NFBS) | BPL परिवार जिनके मुख्य कमाने वाले की मृत्यु हो गई हो | ₹20,000 एकमुश्त |
| अन्नपूर्णा योजना | ऐसे वरिष्ठ नागरिक जो IGNOAPS में शामिल नहीं हो पाए | प्रति माह 10 किलो खाद्यान्न |
ऊपर दी गई राशियाँ केंद्र सरकार की ओर से दी जाने वाली न्यूनतम सहायता हैं। अधिकांश राज्य अपने बजट से इसमें ₹500 से लेकर ₹2,000 तक या उससे भी अधिक जोड़ते हैं, जिससे लाभार्थी को हर महीने बड़ी रकम मिलती है। उदाहरण के लिए, कुछ राज्यों में वृद्धावस्था पेंशन ₹1,000 से ₹3,000 प्रति माह तक हो सकती है। अपने राज्य की सटीक राशि के लिए स्थानीय समाज कल्याण विभाग या ग्राम पंचायत से पूछें।
कौन पात्र है — विस्तृत पात्रता शर्तें
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना (IGNOAPS)
परिवार BPL श्रेणी में होना चाहिए।
लाभार्थी की आयु 60 वर्ष या अधिक होनी चाहिए।
जो वृद्ध व्यक्ति किसी अन्य सरकारी पेंशन का लाभ नहीं ले रहे हों।
80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को उच्च दर से पेंशन दी जाती है।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना (IGNWPS)
आवेदिका विधवा होनी चाहिए।
आयु 40 से 79 वर्ष के बीच होनी चाहिए (80 वर्ष पूरे होने पर वह IGNOAPS में स्थानांतरित हो जाती हैं)।
परिवार BPL सूची में होना चाहिए।
पुनर्विवाह कर लेने पर पेंशन बंद हो जाती है।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना (IGNDPS)
लाभार्थी की आयु 18 से 79 वर्ष के बीच हो।
दिव्यांगता 80% या उससे अधिक होनी चाहिए (गंभीर दिव्यांगता)।
परिवार BPL सूची में होना चाहिए।
दिव्यांगता का प्रमाण पत्र चिकित्सा बोर्ड द्वारा जारी होना चाहिए।
राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना (NFBS)
परिवार BPL श्रेणी का होना चाहिए।
परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य (18 से 64 वर्ष) की मृत्यु हो गई हो।
मृत्यु के समय परिवार BPL सूची में शामिल होना चाहिए।
लाभ एकमुश्त ₹20,000 के रूप में दिया जाता है।
अन्नपूर्णा योजना
ऐसे 65 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक जो गरीबी रेखा से नीचे हों।
जिन्हें IGNOAPS के अंतर्गत पेंशन नहीं मिल रही हो।
ऐसे वृद्धों को हर महीने 10 किलो खाद्यान्न निःशुल्क दिया जाता है।
पात्रता जाँच और लाभार्थी सूची कैसे देखें?
सबसे पहले यह पता करना ज़रूरी है कि आपका नाम BPL सूची में है या नहीं। इसके लिए:
ग्राम पंचायत या नगर पालिका कार्यालय में जाकर BPL सूची देख सकते हैं।
कई राज्यों में समाज कल्याण विभाग का ऑनलाइन पोर्टल है, जहाँ पात्रता सूची देखी जा सकती है।
केंद्र सरकार का NSAP पोर्टल nsap.nic.in है, जहाँ राज्यवार लाभार्थियों की जानकारी उपलब्ध रहती है (हालाँकि राज्यों के अलग पोर्टल अधिक अपडेट होते हैं)।
कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर भी पेंशन योजनाओं की जानकारी और आवेदन में सहायता मिलती है।
आवेदन कैसे करें?
NSAP की विभिन्न पेंशन योजनाओं में आवेदन की प्रक्रिया लगभग समान है। इसे मुख्य रूप से ऑफलाइन किया जाता है, हालाँकि कुछ राज्यों में ऑनलाइन आवेदन भी संभव है।
ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया
अपनी ग्राम पंचायत या नगर निकाय कार्यालय में जाएँ।
संबंधित पेंशन योजना (IGNOAPS, IGNWPS, IGNDPS आदि) के लिए आवेदन फॉर्म लें।
फॉर्म में माँगी गई सभी जानकारी भरें — नाम, पता, आयु, परिवार की जानकारी, BPL राशन कार्ड संख्या, बैंक खाता, आधार आदि।
आवश्यक दस्तावेज़ों की छायाप्रतियाँ फॉर्म के साथ लगाएँ।
फॉर्म को उसी कार्यालय में जमा करें और रसीद अवश्य लें।
ग्राम पंचायत स्तर से आवेदन की जाँच होकर ब्लॉक/तहसील स्तर पर भेजा जाता है। स्वीकृति के बाद पेंशन शुरू होती है।
ऑनलाइन आवेदन
कुछ राज्यों में समाज कल्याण विभाग या जन कल्याण पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन की सुविधा है।
इसमें मोबाइल नंबर और आधार से पंजीकरण करके फॉर्म भरा जाता है।
दस्तावेज़ अपलोड करने के बाद आवेदन जमा हो जाता है।
अपने राज्य के आधिकारिक पोर्टल की जानकारी के लिए ग्राम पंचायत या CSC से पूछें।
ज़रूरी दस्तावेज़
आधार कार्ड (पहचान और DBT के लिए)
BPL राशन कार्ड या आय प्रमाण पत्र
आयु प्रमाण पत्र — जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल प्रमाण या मतदाता पहचान पत्र
बैंक खाता पासबुक (आधार से लिंक)
पासपोर्ट साइज़ फोटो
विधवा पेंशन के लिए: पति का मृत्यु प्रमाण पत्र
दिव्यांग पेंशन के लिए: 80% या अधिक दिव्यांगता का चिकित्सा प्रमाण पत्र
NFBS के लिए: मुख्य कमाने वाले की मृत्यु का प्रमाण और BPL परिवार का प्रमाण
पेंशन भुगतान कैसे होता है?
NSAP की सहायता राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से लाभार्थी के बैंक खाते में सीधे भेजी जाती है। आधार से बैंक खाता लिंक होना अनिवार्य है। कई राज्यों में मासिक पेंशन भेजी जाती है, जबकि कुछ राज्यों में त्रैमासिक भी जाती है। यदि खाता आधार से लिंक नहीं है या खाता सक्रिय नहीं है, तो भुगतान रुक सकता है।
2026 में योजना से जुड़ी अहम बातें
राज्य अपना योगदान बढ़ा रहे हैं: कई राज्यों में केंद्रीय सहायता के साथ राज्य की पूरक राशि जोड़कर कुल पेंशन ₹1,000 से ₹3,000 प्रति माह तक पहुँच गई है। अपने राज्य की सटीक राशि की जानकारी अवश्य लें।
आधार बैंक लिंकिंग अनिवार्य: DBT भुगतान के लिए हर लाभार्थी का आधार बैंक खाते से लिंक होना चाहिए।
नियमित सत्यापन: पेंशन जारी रखने के लिए अक्सर लाभार्थी को निर्धारित अंतराल पर जीवन प्रमाण पत्र (life certificate) जमा करना पड़ता है।
पुनर्विवाह या अन्य पेंशन मिलने पर: विधवा पेंशन या वृद्धावस्था पेंशन के नियमों में बदलाव हो सकता है। किसी भी परिवर्तन की सूचना ग्राम पंचायत को देना ज़रूरी है।
शिकायत निवारण: पेंशन न मिलने या आवेदन लंबित रहने पर ब्लॉक विकास अधिकारी या जिला समाज कल्याण अधिकारी से संपर्क करें।
Frequently Asked Questions
NSAP में बुजुर्गों को कितनी पेंशन मिलती है?
केंद्र सरकार की ओर से 60-79 वर्ष के BPL बुजुर्गों को ₹200 प्रति माह और 80 वर्ष से अधिक को ₹500 प्रति माह मिलते हैं। राज्य अपनी ओर से इसमें जोड़ते हैं, इसलिए कुल राशि अधिक हो सकती है।
क्या विधवा पेंशन पुनर्विवाह के बाद भी मिलती रहेगी?
नहीं, विधवा पेंशन का लाभ केवल तब तक मिलता है जब तक महिला विधवा रहती है। पुनर्विवाह करने पर पेंशन बंद हो जाती है।
दिव्यांग पेंशन के लिए कितनी दिव्यांगता होनी चाहिए?
कम से कम 80% या उससे अधिक दिव्यांगता प्रमाण पत्र होना आवश्यक है। इससे कम दिव्यांगता पर केंद्रीय NSAP का लाभ नहीं मिलता, हालाँकि कुछ राज्यों में अलग नियम हो सकते हैं।
क्या BPL परिवार होना अनिवार्य है?
हाँ, NSAP की अधिकांश योजनाएँ केवल गरीबी रेखा से नीचे वाले परिवारों के लिए हैं। BPL सूची में नाम होना पहली शर्त है।
क्या पेंशन का पैसा सीधे बैंक खाते में आता है?
जी हाँ, पूरी राशि DBT के माध्यम से आधार लिंक बैंक खाते में सीधे भेजी जाती है। इसके लिए खाते में आधार सीडिंग होना ज़रूरी है।
अगर किसी बुजुर्ग को IGNOAPS का लाभ नहीं मिल रहा तो क्या विकल्प है?
ऐसे BPL वरिष्ठ नागरिकों के लिए अन्नपूर्णा योजना है, जिसके तहत हर महीने 10 किलो खाद्यान्न दिया जाता है। वे इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।
Sources / References:
Ministry of Rural Development, Government of India – NSAP Guidelines
National Social Assistance Programme Portal – nsap.nic.in
Press Information Bureau (PIB) – NSAP releases and central assistance rates
State Social Welfare Department Portals (respective states) for top-up amounts and application status
