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PM Matru Vandana Yojana: गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली आर्थिक सहायता की पूरी जानकारी

 

PM Matru Vandana Yojana

गर्भावस्था और प्रसव के दौरान महिलाओं को पौष्टिक आहार, जाँच और उचित देखभाल की सबसे अधिक ज़रूरत होती है। लेकिन आर्थिक तंगी के कारण कई बार ये ज़रूरतें पूरी नहीं हो पातीं। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) की शुरुआत की। यह योजना गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को सीधे उनके बैंक खाते में आर्थिक सहायता पहुँचाती है, ताकि वे अपने और शिशु के स्वास्थ्य पर ध्यान दे सकें। 2026 में भी यह योजना पूरी तरह लागू है और इसमें कई महत्वपूर्ण बदलाव भी किए गए हैं। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि इस योजना के तहत कितनी राशि मिलती है, किश्तें कैसे मिलती हैं, पात्रता क्या है और आवेदन कैसे करें।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना क्या है?

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित एक केंद्रीय योजना है। इसे 1 जनवरी 2017 को लागू किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को वित्तीय सहायता देकर उनके पोषण स्तर में सुधार करना और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना है। यह योजना मिशन शक्ति के अंतर्गत चलाई जा रही है, जो महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण से जुड़ा एक व्यापक कार्यक्रम है।

इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते (DBT) में तीन किश्तों में पहुँचाई जाती है, ताकि हर चरण में महिला को अपनी और शिशु की देखभाल के लिए पैसे की चिंता न करनी पड़े।

कितनी आर्थिक सहायता मिलती है?

योजना के तहत मिलने वाली राशि इस बात पर निर्भर करती है कि यह पहली संतान है या दूसरी बेटी।

  • पहली जीवित संतान पर: कुल ₹5,000 की आर्थिक सहायता मिलती है।

  • दूसरी संतान यदि बेटी है: कुल ₹6,000 की आर्थिक सहायता मिलती है। यह विशेष प्रावधान बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करने और लिंगानुपात सुधारने के लिए किया गया है।

इसके अतिरिक्त, यदि महिला संस्थागत प्रसव कराती है, तो उसे जननी सुरक्षा योजना (JSY) के तहत अलग से ₹1,000 तक की सहायता भी मिल सकती है। यह राशि PMMVY से अलग है, लेकिन दोनों का लाभ एक साथ लिया जा सकता है।

किश्तों का विवरण

राशि को तीन भागों में बाँटकर दिया जाता है, ताकि पूरी गर्भावस्था के दौरान महिला को नियमित सहायता मिलती रहे।

पहली संतान (₹5,000):

किश्तराशिकब मिलती है
पहली₹1,000गर्भावस्था का पंजीकरण कराने पर (आंगनवाड़ी केंद्र या स्वास्थ्य केंद्र में)
दूसरी₹2,000कम से कम एक प्रसवपूर्व जाँच कराने के बाद (गर्भावस्था के 6 माह पूरे होने पर)
तीसरी₹2,000प्रसव के बाद जन्म पंजीकरण और शिशु के पहले टीकाकरण चक्र के बाद

दूसरी संतान (बेटी) पर ₹6,000:

किश्तराशिकब मिलती है
पहली₹2,000गर्भावस्था का पंजीकरण और प्रारंभिक जाँच पर
दूसरी₹2,0006 माह पूरे होने और प्रसवपूर्व जाँच के बाद
तीसरी₹2,000जन्म पंजीकरण और शिशु के टीकाकरण के बाद

ध्यान दें: दूसरी संतान के लिए यह ₹6,000 की राशि तभी देय है जब दूसरी संतान लड़की हो। यदि दूसरी संतान लड़का है, तो इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

पात्रता शर्तें क्या हैं?

हर गर्भवती महिला को यह योजना लाभ नहीं देती। कुछ ज़रूरी पात्रता शर्तें इस प्रकार हैं:

  • गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिला होनी चाहिए।

  • आवेदिका की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।

  • यह लाभ केवल पहली जीवित संतान पर मिलता है। दूसरी संतान पर तभी मिलेगा जब वह लड़की हो।

  • लाभार्थी महिला सरकारी नौकरी (केंद्र/राज्य सरकार या सार्वजनिक उपक्रम) में नहीं होनी चाहिए और न ही उसे किसी अन्य योजना से समान मातृत्व लाभ मिल रहा हो।

  • महिला के पास आधार कार्ड और बैंक खाता (आधार से लिंक) होना आवश्यक है।

  • योजना का लाभ ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाओं को मिलता है।

आवेदन कैसे करें?

आवेदन की प्रक्रिया बहुत सरल रखी गई है। इसे मुख्यतः आंगनवाड़ी केंद्र, आशा कार्यकर्ता या स्वास्थ्य केंद्र के माध्यम से पूरा किया जाता है।

ऑफलाइन आवेदन (सबसे आम)

  1. गर्भावस्था का पता चलते ही नज़दीकी आंगनवाड़ी केंद्र या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) पर जाएँ।

  2. आशा कार्यकर्ता या आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से संपर्क करें। वे आपका पंजीकरण करेंगे।

  3. पंजीकरण फॉर्म में अपनी व्यक्तिगत जानकारी, गर्भावस्था की अवस्था, बैंक खाता और आधार विवरण भरें।

  4. आवश्यक दस्तावेज़ों की छायाप्रति जमा करें।

  5. पंजीकरण के बाद पहली किश्त की प्रक्रिया शुरू हो जाती है।

ऑनलाइन आवेदन

कुछ राज्यों में ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा भी उपलब्ध है। इसके लिए:

  • pmmvy.wcd.gov.in पोर्टल पर जाएँ।

  • “Citizen Login” या “New User Registration” का चयन करें।

  • मोबाइल नंबर और आधार से पंजीकरण करें।

  • गर्भावस्था से जुड़ी जानकारी भरकर दस्तावेज़ अपलोड करें।

  • सबमिट करने के बाद आवेदन की स्थिति पोर्टल पर देखी जा सकती है।

हालाँकि, अधिकांश राज्यों में प्रक्रिया आशा/आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से ही होती है, क्योंकि गर्भावस्था की पुष्टि और जाँच रिपोर्ट उन्हीं के पास होती है।

ज़रूरी दस्तावेज़

  • महिला का आधार कार्ड

  • बैंक खाता पासबुक (आधार से लिंक, DBT सक्रिय)

  • गर्भावस्था पंजीकरण प्रमाण (आंगनवाड़ी/स्वास्थ्य केंद्र से)

  • पति का आधार कार्ड (कुछ राज्यों में आवश्यक)

  • मोबाइल नंबर (आधार से लिंक)

  • पासपोर्ट साइज़ फोटो

भुगतान की स्थिति कैसे चेक करें?

अपनी किश्तों की स्थिति जानने के लिए:

  • pmmvy.wcd.gov.in पोर्टल पर जाकर “Payment Status” या “Beneficiary Status” देखें।

  • अपना आधार नंबर, बैंक खाता या पंजीकरण संख्या डालकर जानकारी प्राप्त करें।

  • आंगनवाड़ी/आशा कार्यकर्ता से भी संपर्क कर सकते हैं।

  • SMS के ज़रिये भी किश्त जारी होने की सूचना मिलती है।

2026 में योजना से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें

  • यह योजना अब मिशन शक्ति के अंतर्गत चल रही है और इसकी समय-सीमा को बढ़ा दिया गया है।

  • दूसरी बेटी पर ₹6,000 का प्रावधान लिंगानुपात सुधारने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

  • जननी सुरक्षा योजना (JSY) का लाभ PMMVY के साथ अलग से मिल सकता है, जिससे कुल सहायता बढ़ जाती है।

  • आधार बैंक लिंकिंग अनिवार्य है, अन्यथा भुगतान अटक सकता है।

  • किसी भी एजेंट को पैसा देने की ज़रूरत नहीं — पूरी प्रक्रिया निःशुल्क है।

  • यदि किसी कारणवश पहली किश्त नहीं मिली, तो आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से तुरंत संपर्क करें।

Frequently Asked Questions

PM Matru Vandana Yojana में कुल कितने रुपये मिलते हैं?

पहली जीवित संतान पर कुल ₹5,000 मिलते हैं। दूसरी संतान यदि बेटी है तो कुल ₹6,000 मिलते हैं।

क्या दूसरी संतान लड़का होने पर भी लाभ मिलेगा?

नहीं, दूसरी संतान पर तभी लाभ मिलता है जब वह लड़की हो। लड़का होने पर यह योजना लागू नहीं होती।

कितनी किश्तों में राशि मिलती है?

राशि तीन किश्तों में मिलती है — गर्भावस्था पंजीकरण, प्रसवपूर्व जाँच और प्रसव के बाद टीकाकरण के आधार पर।

क्या सरकारी नौकरी करने वाली महिला को लाभ मिल सकता है?

नहीं, केंद्र/राज्य सरकार या सार्वजनिक उपक्रम में नियमित वेतन पाने वाली महिलाएँ इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं।

क्या यह योजना केवल ग्रामीण महिलाओं के लिए है?

नहीं, शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों की पात्र महिलाएँ लाभ ले सकती हैं।

आवेदन में कितना खर्च आता है?

आवेदन बिल्कुल निःशुल्क है। किसी भी स्तर पर कोई शुल्क नहीं देना होता।

क्या PMMVY और JSY दोनों का लाभ एक साथ मिल सकता है?

हाँ, यदि महिला संस्थागत प्रसव कराती है, तो उसे JSY के तहत अलग से ₹1,000 तक मिल सकते हैं। दोनों योजनाओं का लाभ साथ लिया जा सकता है।


Sources / References:

  • Ministry of Women and Child Development – Official PMMVY Portal: pmmvy.wcd.gov.in

  • Mission Shakti Guidelines – PMMVY Component

  • Press Information Bureau (PIB) – PMMVY continuation and revision (2021, latest updates)

  • National Health Mission – Janani Suraksha Yojana provisions