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PM Krishi Sinchai Yojana: किसानों को सिंचाई के लिए मिलने वाली सरकारी सहायता

 

PM Krishi Sinchai Yojana

पानी खेती की आत्मा है, लेकिन देश के करोड़ों किसान आज भी मानसून पर निर्भर हैं। असमय बारिश या सूखा पूरी फसल बर्बाद कर सकता है। इसी चुनौती से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) की शुरुआत की। इसका मकसद है — हर खेत को पानी मुहैया कराना और हर बूँद का सही उपयोग सुनिश्चित करना। यह योजना किसानों को केवल सिंचाई के साधन जुटाने में ही मदद नहीं करती, बल्कि पानी बचाने वाली आधुनिक तकनीकों जैसे ड्रिप और स्प्रिंकलर पर आकर्षक सब्सिडी भी देती है। अगर आप जानना चाहते हैं कि पीएम कृषि सिंचाई योजना के तहत आपको कैसे और कितनी सरकारी सहायता मिल सकती है, तो यह लेख पूरी जानकारी देगा।

पीएम कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) क्या है?

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना को 2015 में लॉन्च किया गया था। यह केंद्र सरकार की एक व्यापक योजना है, जिसमें पहले से चल रही कई सिंचाई परियोजनाओं को एकीकृत किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य है:

  • खेती योग्य भूमि तक सिंचाई सुविधा पहुँचाना।

  • जल उपयोग दक्षता बढ़ाना — यानी कम पानी में अधिक फसल उत्पादन।

  • भूजल पर निर्भरता घटाना और वर्षा जल का संचय करना।

  • सूक्ष्म सिंचाई (ड्रिप और स्प्रिंकलर) को बढ़ावा देना।

  • जल स्रोतों का पुनर्स्थापन और वाटरशेड विकास।

यह योजना किसानों को सीधे सब्सिडी देने के साथ-साथ राज्यों को बड़ी सिंचाई परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता भी देती है।

पीएम कृषि सिंचाई योजना के मुख्य घटक

PMKSY चार मुख्य घटकों में बँटी है। हर घटक किसानों को अलग-अलग तरीके से लाभ पहुँचाता है:

घटककिसे सहायता मिलती हैकिसान को सीधा लाभ
AIBP (Accelerated Irrigation Benefit Programme)राज्य सरकारों को बड़ी और मध्यम सिंचाई परियोजनाएँ पूरी करने के लिएअप्रत्यक्ष — नहरों से सिंचाई सुविधा
हर खेत को पानी (HKKP)भूजल विकास, तालाब निर्माण, नहर मरम्मत आदिसामुदायिक स्तर पर सिंचाई जल उपलब्धता बढ़ती है
प्रति बूँद अधिक फसल (PDMC)किसानों को ड्रिप, स्प्रिंकलर, रेन गन आदि सूक्ष्म सिंचाई उपकरण पर सब्सिडीसीधे किसान के खाते में सब्सिडी
वाटरशेड विकास (WDC)वर्षा जल संरक्षण, मृदा नमी, जलछाजन क्षेत्र विकासअप्रत्यक्ष — भूजल स्तर और मिट्टी की नमी में सुधार

किसानों के लिए सबसे अधिक चर्चा में रहने वाला घटक Per Drop More Crop (PDMC) है, क्योंकि इसी के तहत सीधे ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई उपकरणों पर सब्सिडी मिलती है।

किसानों को कितनी सब्सिडी मिलती है? (सूक्ष्म सिंचाई पर)

यह योजना का सबसे व्यावहारिक हिस्सा है। अगर आप ड्रिप या स्प्रिंकलर सिस्टम लगवाना चाहते हैं, तो सरकार लागत का एक बड़ा हिस्सा वहन करती है। उपलब्ध नवीनतम जानकारी के अनुसार:

किसान की श्रेणीकेंद्र सरकार की सब्सिडी (कुल लागत पर)
छोटे और सीमांत किसान55% तक
अन्य किसान45% तक

इसके अतिरिक्त, कई राज्य सरकारें अपने बजट से अतिरिक्त सब्सिडी भी देती हैं, जिससे किसानों को कुल मिलाकर 70% से 90% तक की मदद मिल सकती है। शेष राशि किसान को स्वयं वहन करनी होती है या बैंक ऋण से पूरी की जा सकती है। सब्सिडी की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजी जाती है।

किन उपकरणों पर मिलती है सब्सिडी?

  • ड्रिप सिंचाई प्रणाली (बागवानी, गन्ना, कपास, सब्ज़ियों के लिए)

  • स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली (गेहूँ, चना, सरसों आदि के लिए)

  • रेन गन, मिनी स्प्रिंकलर, पोर्टेबल स्प्रिंकलर

  • तालाब, फार्म पॉन्ड, वॉटर टैंक (कुछ राज्यों में HKKP के तहत)

  • पाइपलाइन आधारित सिंचाई

सब्सिडी की सटीक दर और पात्र फसलों की सूची राज्य कृषि विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में होती है।

सिंचाई के लिए अन्य किन कार्यों पर मदद मिलती है?

केवल ड्रिप-स्प्रिंकलर ही नहीं, बल्कि पानी के संचय और संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों पर भी सहायता मिलती है:

  • खेत तालाब (Farm Pond): व्यक्तिगत किसान अपने खेत में तालाब खोदवाकर वर्षा जल संचय कर सकते हैं। इस पर राज्यवार अलग-अलग दर से सहायता दी जाती है।

  • कुआँ और बोरवेल: कुछ राज्यों में भूजल विकास के तहत सामूहिक कुआँ खुदाई पर सहायता मिलती है।

  • नहर और नाली मरम्मत: यह सामुदायिक स्तर पर होता है, जिससे क्षेत्र के सभी किसानों को पानी मिलता है।

  • पाइपलाइन विस्तार: जल स्रोत से खेत तक पाइपलाइन बिछाने पर सहायता उपलब्ध हो सकती है।

कौन पात्र है?

योजना का लाभ लेने के लिए निम्नलिखित शर्तें पूरी करनी होती हैं:

  • आवेदक किसान होना चाहिए — भूमि स्वामी या काश्तकार।

  • भूमि का प्रमाण होना आवश्यक है — खसरा/खतौनी, रजिस्ट्री या लगान रसीद।

  • छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता दी जाती है, लेकिन अन्य किसान भी पात्र हैं।

  • किसान के पास बैंक खाता (आधार से लिंक) होना चाहिए।

  • आधार कार्ड अनिवार्य है।

  • एक किसान एक ही सिंचाई उपकरण पर बार-बार सब्सिडी नहीं ले सकता — आमतौर पर एक भूखंड पर एक बार ही लाभ मिलता है।

  • प्राथमिकता समूह: अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिला किसान, दिव्यांग और लघु सीमांत किसान।

आवेदन कैसे करें? (Step by Step)

PMKSY के सूक्ष्म सिंचाई घटक के लिए आवेदन राज्य कृषि विभाग के पोर्टल या ज़िला उद्यान/कृषि अधिकारी के माध्यम से होता है।

ऑनलाइन आवेदन (राज्य पोर्टल)

  1. अपने राज्य के कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या pmksy.gov.in पर जाएँ।

  2. “सूक्ष्म सिंचाई” या “PMKSY-PDMC” सेक्शन खोलें।

  3. “किसान पंजीकरण” या “Apply Online” पर क्लिक करें।

  4. मोबाइल नंबर और आधार से रजिस्ट्रेशन करें।

  5. फॉर्म में भूमि विवरण, फसल, वांछित उपकरण (ड्रिप/स्प्रिंकलर), क्षेत्रफल और बैंक खाता भरें।

  6. दस्तावेज़ अपलोड करें — भूमि प्रमाण, आधार, पासबुक, फोटो।

  7. सबमिट करें। आवेदन की स्थिति पोर्टल पर ट्रैक की जा सकती है।

ऑफलाइन आवेदन

  • अपने ब्लॉक या ज़िला कृषि कार्यालय में जाएँ।

  • सूक्ष्म सिंचाई योजना का आवेदन फॉर्म लें।

  • फॉर्म भरकर दस्तावेज़ों के साथ जमा करें।

  • कृषि विभाग द्वारा सत्यापन के बाद स्वीकृति मिलती है और अधिकृत विक्रेता/एजेंसी उपकरण लगाती है।

  • सब्सिडी की राशि सीधे आपके बैंक खाते में DBT से पहुँचती है।

ज़रूरी दस्तावेज़

  • आधार कार्ड

  • भूमि स्वामित्व या काश्तकारी प्रमाण

  • बैंक खाता पासबुक (आधार से लिंक)

  • पासपोर्ट साइज़ फोटो

  • मोबाइल नंबर

  • फसल बुआई का विवरण (यदि माँगा जाए)

योजना के लाभ — क्यों लेना चाहिए?

  • पानी की बचत: ड्रिप से 40-60% और स्प्रिंकलर से 30-40% तक पानी बचता है।

  • कम लागत में आधुनिक तकनीक: सरकार 45-55% सब्सिडी देती है, कई राज्यों में तो 80-90% तक सहायता पहुँच जाती है।

  • उत्पादन में वृद्धि: सही सिंचाई से फसल की गुणवत्ता और पैदावार दोनों बढ़ती है।

  • खरपतवार और रोग में कमी: ड्रिप से पत्तियों पर पानी नहीं गिरता, जिससे फफूंद और कीट कम लगते हैं।

  • उर्वरक की बचत: फर्टिगेशन के ज़रिये उर्वरक सीधे जड़ों तक पहुँचता है, खर्च घटता है।

  • टिकाऊ खेती: भूजल पर दबाव घटता है और पर्यावरण सुरक्षित रहता है।

2026 में ध्यान देने योग्य बातें

  • राज्यवार भिन्नता: हर राज्य की अपनी सब्सिडी दर, पात्र फसलों की सूची और आवेदन की तिथियाँ होती हैं। अपने ज़िला कृषि कार्यालय से ताज़ा जानकारी अवश्य लें।

  • डीबीटी भुगतान: सब्सिडी सीधे आधार लिंक बैंक खाते में आती है। खाता आधार से लिंक होना चाहिए।

  • अधिकृत विक्रेता ही चुनें: सब्सिडी का लाभ तभी मिलता है जब उपकरण अधिकृत एजेंसी/विक्रेता से खरीदा जाए। बिना स्वीकृति के खरीदे गए सामान पर सब्सिडी नहीं मिलती।

  • समय पर आवेदन: कई राज्यों में आवेदन की विंडो सीमित होती है, इसलिए सीज़न से पहले आवेदन करें।

  • जियो-टैगिंग: लगाए गए उपकरण की फोटो जियो-टैग होकर पोर्टल पर अपलोड होती है, इसलिए सही जानकारी दें।

Frequently Asked Questions

पीएम कृषि सिंचाई योजना में किसान को ड्रिप सिंचाई पर कितनी सब्सिडी मिलती है?

छोटे और सीमांत किसानों को कुल लागत का 55% तक और अन्य किसानों को 45% तक केंद्र सरकार से सब्सिडी मिलती है। राज्य सरकारें अतिरिक्त सब्सिडी दे सकती हैं।

क्या केवल बड़े किसान ही पात्र हैं?

नहीं, छोटे, सीमांत, मध्यम और बड़े सभी किसान पात्र हैं। हालाँकि छोटे और सीमांत किसानों को अधिक सब्सिडी दर का लाभ मिलता है।

क्या स्प्रिंकलर सब्सिडी के लिए अलग से आवेदन करना होता है?

हाँ, स्प्रिंकलर और ड्रिप दोनों के लिए राज्य कृषि विभाग के पोर्टल या कार्यालय में आवेदन करना होता है। आवेदन में उपकरण का प्रकार चुनना होता है।

क्या सब्सिडी की राशि सीधे मेरे खाते में आती है?

हाँ, सब्सिडी की राशि DBT के माध्यम से सीधे आपके आधार से लिंक बैंक खाते में भेजी जाती है।

क्या खेत तालाब बनाने पर भी सहायता मिलती है?

कुछ राज्यों में हर खेत को पानी घटक के तहत व्यक्तिगत खेत तालाब पर सहायता मिलती है। इसके लिए अपने ज़िला कृषि अधिकारी से पूछें।

आवेदन के बाद कितने दिन में स्वीकृति मिलती है?

सत्यापन और क्षेत्र जाँच के बाद आमतौर पर 2-4 सप्ताह में स्वीकृति मिल जाती है। इसके बाद अधिकृत विक्रेता उपकरण लगाता है।

क्या मैं किसी भी दुकान से ड्रिप सिस्टम खरीदकर सब्सिडी ले सकता हूँ?

नहीं, सब्सिडी का लाभ केवल तभी मिलता है जब उपकरण कृषि विभाग द्वारा अधिकृत विक्रेता या एजेंसी से खरीदा जाए और स्वीकृति पहले से हो।


Sources / References:

  • PMKSY Official Portal – pmksy.gov.in

  • Ministry of Agriculture & Farmers Welfare, Government of India – PMKSY Operational Guidelines

  • Department of Agriculture, Cooperation & Farmers Welfare – Per Drop More Crop component

  • State Agriculture Departments – Micro Irrigation Subsidy Notifications (respective states)

  • Press Information Bureau (PIB) – PMKSY updates and subsidy rates (latest available up to 2026

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